Sensex Nifty ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को लगातार चौथे सत्र में बढ़त दर्ज की। दोनों index 1% से ज़्यादा चढ़े। report के मुताबिक Sensex आख़िरी जानकारी तक 948.09 अंक (1.25%) उछलकर 76,640.87 पर था, जबकि Nifty 251.85 अंक (1.07%) बढ़कर 23,692.65 पर बंद हुआ (BusinessToday के अनुसार)।

Sensex Nifty की तेज़ी में किन sectors का हाथ रहा
बैंक, financial, FMCG, auto, cement और realty शेयरों में तेज़ी रही। दूसरी तरफ़ IT, metal और pharma शेयर कमज़ोर कारोबार करते दिखे। चौड़े बाज़ार में midcap index 0.66% और smallcap index 0.42% चढ़ा।
तेज़ी के पीछे के कारण
Nomura की report के हवाले से बताया गया कि BSE 200 से ऊपर की 134 कंपनियों, जिन्होंने अब तक नतीजे घोषित किए हैं, का normalised मुनाफ़ा सालाना आधार पर 34% बढ़ा और यह अनुमानों से 18% बेहतर रहा। यही दूसरी तिमाही के नतीजों की सबसे बड़ी सकारात्मक बात है।
Nomura के अनुसार विदेशी निवेशकों का रुख़ भारतीय शेयरों के प्रति सुधरने की उम्मीद है। इसके पीछे तीन वजहें गिनाई गईं: शुरुआती उम्मीदें कम थीं, valuation महामारी के बाद के औसत से नीचे हैं, और AI-भारी बाज़ारों (दक्षिण कोरिया, ताइवान, Nasdaq) के मुक़ाबले भारतीय शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि AI से जुड़े शेयरों में correction आया।
इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के लिए लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स tax में संभावित कटौती, वैश्विक bond yield में गिरावट और रुपये को सहारा देने के लिए RBI के संभावित दख़ल को भी सहायक कारक बताया गया। LTCG पर सरकार की सोच हमने इस विस्तृत report में समझाई है।
जोखिम क्या हैं
Nomura ने ऊँचे कच्चे तेल के दामों को जोखिम बताया, हालाँकि तेल अपने हालिया शिखर से नीचे आया है। Geojit Investments के चीफ investment strategist वीके विजयकुमार के मुताबिक ब्रेंट क्रूड में गिरावट, AI trade में कमज़ोरी, दूसरी तिमाही के अच्छे नतीजे और विदेशी निवेशकों की वापसी तेज़ी को आगे बढ़ा सकती है। उन्होंने AI में कमज़ोरी को “सिर्फ़ correction, अभी crash नहीं” बताया।
विजयकुमार ने अगले दिन होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों और उनके संभावित भू-राजनीतिक असर को भी बाज़ार के लिए नज़र रखने लायक मुद्दा बताया।
आम निवेशक के लिए क्या मतलब
Sensex Nifty की लगातार चार दिन की तेज़ी अच्छे नतीजों और विदेशी निवेश की वापसी की उम्मीद पर टिकी है, लेकिन तेल और वैश्विक घटनाक्रम इसे पलट भी सकते हैं। यह लेख केवल जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। फ़ैसले से पहले अपने सलाहकार से बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
3 नवंबर 2026 को Sensex और Nifty कितने चढ़े?
Sensex आख़िरी जानकारी तक 948.09 अंक (1.25%) चढ़कर 76,640.87 पर था और Nifty 251.85 अंक (1.07%) बढ़कर 23,692.65 पर बंद हुआ।
बाज़ार लगातार कितने सत्रों से बढ़ रहा है?
3 नवंबर को बाज़ार ने लगातार चौथे सत्र में बढ़त दर्ज की।
तेज़ी का सबसे बड़ा कारण क्या रहा?
दूसरी तिमाही के मज़बूत नतीजे। Nomura के अनुसार 134 कंपनियों का normalised मुनाफ़ा सालाना 34% बढ़ा और अनुमानों से 18% बेहतर रहा।
किन sectors में तेज़ी रही?
बैंक, financial, FMCG, auto, cement और realty।
कौन-से sector कमज़ोर रहे?
IT, metal और pharma शेयर कमज़ोर कारोबार करते दिखे।
midcap और smallcap का हाल कैसा रहा?
midcap index 0.66% और smallcap index 0.42% चढ़ा।
विदेशी निवेशकों को लेकर Nomura का क्या अनुमान है?
Nomura को उम्मीद है कि भारतीय शेयरों के प्रति विदेशी निवेशकों की सापेक्ष धारणा सुधरेगी, जिससे portfolio निवेश को सहारा मिलेगा।
AI शेयरों में गिरावट का भारतीय बाज़ार पर क्या असर है?
AI-भारी बाज़ारों (दक्षिण कोरिया, ताइवान, Nasdaq) में correction के बीच भारतीय शेयरों ने उनसे बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे सापेक्ष आकर्षण बढ़ा।
कच्चा तेल बाज़ार के लिए जोखिम क्यों है?
Nomura ने ऊँचे तेल दामों को चिंता बताया, हालाँकि तेल अपने हालिया शिखर से नीचे आया है।
वीके विजयकुमार ने क्या कहा?
Geojit के रणनीतिकार के अनुसार हालात तेज़ी के पक्ष में हैं और AI कमज़ोरी “सिर्फ़ correction, अभी crash नहीं” है। उन्होंने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों पर नज़र रखने की सलाह दी।