HSBC India Manufacturing PMI अक्टूबर 2026 में 54.7 पर आया है। सितंबर में यह 55.1 था, यानी factory activity बढ़ी तो है, लेकिन रफ़्तार थोड़ी धीमी हुई। 23 अक्टूबर को आए flash estimate में 54.9 बताया गया था, जिसे final data में थोड़ा नीचे revise किया गया।

मुख्य आँकड़े
- अक्टूबर 2026 Manufacturing PMI (final): 54.7
- सितंबर 2026: 55.1
- Flash estimate: 54.9
- Export orders: पिछले छह महीने में सबसे तेज़ बढ़त
- Input cost inflation: फ़रवरी के बाद सबसे कम
- Selling price inflation: करीब चार साल में सबसे धीमी
PMI का मतलब क्या है
PMI यानी Purchasing Managers’ Index। 50 से ऊपर का आँकड़ा बताता है कि factory sector फैल रहा है और 50 से नीचे का मतलब है कि गतिविधि घट रही है। 54.7 साफ़ तौर पर expansion zone में है, लेकिन सितंबर की तुलना में नरमी दिखती है। पिछले महीने का हाल आप सितंबर 2026 के Manufacturing PMI वाली रिपोर्ट में देख सकते हैं।
New orders और output
रिपोर्ट के मुताबिक new orders की बढ़त सितंबर में बने सात महीने के उच्च स्तर से कुछ कम हुई, और output की expansion भी नरम पड़ी। यानी मांग बनी हुई है, पर उतनी तेज़ नहीं जितनी पिछले महीने थी।
Export orders सबसे मज़बूत हिस्सा
अक्टूबर में export orders की बढ़त पिछले छह महीनों में सबसे तेज़ रही। रिपोर्ट इसकी वजह विदेशी बाज़ारों की व्यापक मांग को बताती है। बाहरी मोर्चे की स्थिति समझने के लिए forex reserves का ताज़ा डेटा भी देखा जा सकता है।
Inventory, hiring और confidence
Manufacturers ने hiring जारी रखी, पर employment growth modest रही। Finished goods का stock रिकॉर्ड रफ़्तार से बढ़ा और input inventory आठ महीने के उच्च स्तर पर पहुँची। Business confidence कमज़ोर हुआ और long-run average से नीचे रहा। Finished goods stock का तेज़ी से बढ़ना आगे के महीनों में production पर दबाव का संकेत भी हो सकता है।
महंगाई पर असर
Input cost inflation फ़रवरी के बाद सबसे निचले स्तर पर आई और selling price की बढ़त करीब चार साल में सबसे धीमी रही। आम लोगों की महंगाई का पूरा हाल CPI inflation और WPI inflation के आँकड़ों से समझ आता है। ब्याज दरों का रुख RBI की repo rate पर निर्भर करेगा।
इन आँकड़ों में क्या नहीं है
यह PMI एक survey है, असली production का आँकड़ा नहीं। Flash और final data में फ़र्क़ आम है। Services और composite PMI अलग रिपोर्ट हैं और इस लेख में सिर्फ़ manufacturing के आँकड़े हैं।
स्रोत: HSBC India Manufacturing PMI (S&P Global) का सार, Trading Economics, UNI India।
Disclaimer: यह लेख सिर्फ़ सूचना के लिए है। इसमें दिए आँकड़े सार्वजनिक रिपोर्ट्स पर आधारित हैं और बाद में revise हो सकते हैं। यह निवेश या खरीद-बिक्री की सलाह नहीं है।
यह भी देखें: GST collection अक्टूबर 2026: ₹2.31 लाख करोड़, 22.9% की बढ़त | Forex reserves अक्टूबर 2026: $785.7 billion के record से करीब $721 billion तक
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Manufacturing PMI अक्टूबर 2026 में कितना रहा?
HSBC India Manufacturing PMI अक्टूबर 2026 में 54.7 रहा।
सितंबर 2026 में PMI कितना था?
सितंबर 2026 में यह 55.1 था।
Flash PMI कितना था?
23 अक्टूबर को आए flash estimate में 54.9 बताया गया था, जिसे बाद में 54.7 पर revise किया गया।
PMI 50 से ऊपर होने का क्या मतलब है?
50 से ऊपर का आँकड़ा बताता है कि manufacturing गतिविधि पिछले महीने की तुलना में बढ़ी है।
क्या factory activity धीमी हुई?
रफ़्तार थोड़ी धीमी हुई है। PMI 55.1 से 54.7 पर आया, लेकिन अब भी expansion zone में है।
Export orders का क्या हाल रहा?
Export orders की बढ़त पिछले छह महीनों में सबसे तेज़ रही।
New orders कैसे रहे?
New orders बढ़े, लेकिन सितंबर में बने सात महीने के उच्च स्तर की तुलना में रफ़्तार कुछ कम रही।
Inventory के बारे में क्या कहा गया?
Finished goods का stock रिकॉर्ड रफ़्तार से बढ़ा और input inventory आठ महीने के उच्च स्तर पर रही।
Hiring कैसी रही?
Manufacturers ने hiring जारी रखी, लेकिन employment growth modest रही।
Input cost और selling price का क्या हाल है?
Input cost inflation फ़रवरी के बाद सबसे कम रही और selling price inflation करीब चार साल में सबसे धीमी रही।
PMI कौन जारी करता है?
HSBC India Manufacturing PMI को S&P Global compile करता है।
क्या यह निवेश की सलाह है?
नहीं। यह लेख सिर्फ़ सार्वजनिक रिपोर्ट्स के आधार पर जानकारी देता है। कोई भी निवेश फ़ैसला लेने से पहले अपने SEBI-registered सलाहकार से बात करें।