Manufacturing PMI सितंबर 2026 में बढ़कर 55.1 हो गया, जो अगस्त में 52.8 था। HSBC India Manufacturing PMI को S&P Global तैयार करता है। यह स्तर फरवरी 2026 के बाद सबसे मज़बूत है, लेकिन 55.7 के शुरुआती अनुमान से थोड़ा कम रहा। रिपोर्ट Angel One पर आधारित है। 50 से ऊपर का आँकड़ा expansion दिखाता है।

Manufacturing PMI में क्या-क्या सुधरा
- New orders फरवरी 2026 के बाद सबसे तेज़ी से बढ़े। electronic, food, pharmaceutical और textile products आगे रहे
- Export orders में सुधार हुआ। Brazil, Europe, UAE और US से ज़्यादा काम मिला
- Output मई 2026 के बाद सबसे तेज़ बढ़ा
- Factory hiring फिर बढ़ी। अगस्त में ढाई साल में पहली बार factory employment गिरा था
- Manufacturers का confidence चार महीने के ऊँचे स्तर पर पहुँचा
लागत भी बढ़ी
Input costs अगस्त से तेज़ी से बढ़ीं। इसकी वजह electronic components, pharmaceutical items और steel रहे। कंपनियों ने selling prices भी बढ़ाए, पर मामूली। थोक कीमतों का दबाव WPI inflation की रिपोर्ट में भी दिखता है।
आगे क्या देखें
Manufacturers ने material खरीद बढ़ाई और stock भी जोड़ा, यानी आगे की बिक्री की उम्मीद है। GDP के लिए RBI का FY27 अनुमान 7.1% है, जैसा repo rate की रिपोर्ट में बताया गया।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सितंबर 2026 में India Manufacturing PMI कितना रहा?
55.1, जबकि अगस्त 2026 में यह 52.8 था।
PMI क्या होता है?
यह कंपनियों के survey पर आधारित सूचकांक है। 50 से ऊपर का मतलब expansion और नीचे का मतलब गिरावट है।
PMI कौन तैयार करता है?
HSBC India Manufacturing PMI को S&P Global compile करता है।
क्या यह फरवरी 2026 के बाद सबसे ऊँचा स्तर है?
हाँ, यह फरवरी 2026 के बाद सबसे मज़बूत reading है।
शुरुआती अनुमान क्या था?
55.7, final आँकड़ा उससे थोड़ा कम रहा।
New orders में क्या हुआ?
new orders फरवरी 2026 के बाद सबसे तेज़ी से बढ़े। electronic, food, pharma और textile products आगे रहे।
Export orders किन देशों से आए?
रिपोर्ट के अनुसार Brazil, Europe, UAE और US से ज़्यादा काम मिला।
Factory employment का क्या हाल रहा?
सितंबर में hiring बढ़ी, जो मई के बाद सबसे तेज़ बढ़त है। अगस्त में ढाई साल में पहली बार employment घटा था।
Input costs क्यों बढ़ीं?
electronic components, pharmaceutical items और steel महँगे होने से।
Business confidence का स्तर क्या रहा?
चार महीने के ऊँचे स्तर पर, नई enquiries और आगे माँग की उम्मीद के कारण।